टू लाइनर शेर और पसंदीदा पंगतियाँ ( 11 - 20 )

11.
वो पढ़ते नही अब हमें..
लो, इक वजह बढ़ गई लिखने को..



12.
पसंद तो मै यहां बहुतों को हूँ
पर पसंदीदा किसी का नहीं हूं



13.
मेरे शब्द किसी वाह वाही के मोहताज़ नहीं
अधूरे कलाम है महज किसी खास के लिए



14.
आपसे दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे
क्या करे हमारी पसंद ही कुछ "ख़ास" है



15.
आंखों को सोने दो,
ख़्वाब रास्ता तकते होंगे।



16.
ज़िन्दगी में कई ऐसे लोग भी मिलते हैं
जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं



17.
सौदा कर देती है रात के हर ख़्वाब का..
ये सुबह सच में बड़ी सयानी है..



18.
I can't give solutions to all of life's problems, doubts, or fears.
But I can listen to you and together we will search for answers.



19.
मुसाफ़िर ही रहा हूँ हमेशा तुम्हारी नज़र में,
ठीक ही है, मंज़िल कब जानती है कि वो मंज़िल है।



20.
रख कर हाथ कलम के कंधे पर..
ऊँगलीयों ने सारा सच उगलवा लिया..

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