टू लाइनर शेर और पसंदीदा पंगतियाँ ( 21 - 30 )

21.
शिकायतें हम से हैं बात-बात पे..
यानी हम से उम्मीदें ज़्यादा हैं..!!



22.
कोई पूछे जो हाल, सच तो कह दूँ मगर
हर चौखट पर सिसकने का सिला क्या है..



23.
कौन कहता है वक़्त बदला है,
पहले रियासतें थी अब सियासतें हैं।



24.
उठा जो मीना-ब-दस्त साक़ी रही न कुछ ताब-ए-ज़ब्त बाक़ी
तमाम मय-कश पुकार उठ्ठे यहाँ से पहले यहाँ से पहले



25.
सीने में धङकता जो हिस्सा है
उसी का तो ये सारा किस्सा है



26.
बस अब और नही लिखेंगे,
ख़्याल अल्फ़ाज़ों से नाराज़ हैं।



27.
इश्क कर लीजिए बेइंतेहा किताबो से
एक यही ऐसी चीज़ है जो अपनी बातों से पलटा नही करती



28.
रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती
जिंदगी को बदलने के लिये अपना भी एक स्टेटस होना जरुरी है



29.
इश्क़ नहीं है तुमसे,
बस मुस्कान की वजह हो तुम।





30.
नशा जरूरत नहीं ज़िम्मेदारी है शायद
मर्जी के बिना ही हम इसमे शामिल हुए


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